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राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम NATIONAL COOPERATIVE DEVELOPMENT CORPORATION |

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रा.स.वि.नि. द्वारा वित्त पोषित कार्यकलाप |
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क) विपणन - विपणन संघों को मार्जिन मनी सहायता । - प्राथमिक/जिला विपणन समितियों के अंश पूंजी आधार का सुदृढ़ीकरण । - विपणन (फल एवं सब्जी) । - कार्यशील पूंजी वित पोषण ।
ख) प्रसंस्करण · नये चीनी कारखानों का प्रस्थापन (निवेश ऋण)/मौजूदा चीनी कारखानों का आधुनिकीकरण और विस्तारण/विविधिकरण (निवेश ऋण+आवधिक ऋण)। · सहकारी कताई मिलों/राज्य सहकारी कपास संघों को मार्जिन मनी सहायता/नये कताई मिलों में अंशपूजी सहभागिता/कताई मिलों का आधुनिकीकरण/ विस्तारण/मौजूदा का आधुनिकीकरण और माडर्न जिंनिग एवं प्रेसिंग यूनिटों का प्रस्थापन/बीमार कताई मिलों का पुनर्स्थापन/कपास विकास कार्यक्रम । · अन्य प्रसंस्करण यूनिट: खाद्यान्न/तेलहन/बागानी फसले कटन जिनिंग और प्रेसिंग/ फल एवं सब्जी/मक्का स्टार्च/पार्टिकल बोर्ड आदि । · प्रि एवं पोस्ट लूम सुविधाओं सहित पावरलूम सहकारिताएं । ग) सहकारी भंडारण · गोदामों का निर्माण (सामान्य) · मौजूदा गोदामों का अपग्रेडेशन/नवीकरण । · शीत भंडारों का निर्माण/शीत भंडार गृहों का अपग्रेडेशन/ पुनर्स्थापन !
घ) सहकारिताओं के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं का वितरण । ग्रामीण/शहरी/अर्घ-शहरी क्षेत्रों में उपभोक्ता वस्तुओं का वितरण ।
सभी किस्म की औद्योगिक सहकारिताएं, कुटीर और ग्रामीण उद्योग, हस्तशिल्प/ ग्रामीण शिल्प आदि । · कृषि ऋण । · कृषि बीमा । · श्रमिक सहकारिताएं । · जल संरक्षण कार्य/सेवाएं । · ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई/लघु सिंचाई । · पशु देखभाल/स्वास्थ्य/बीमारी निवारण । · सहकारिताओं के माध्यम से ग्रामीण स्वच्छता/जल निकासी/सिवेज सिस्टम। छ) कृषि सेवायें · सहकारी कृषक सेवा केन्द्र · कस्टम हायरिग हेतु एग्रो सर्विस सैंटर · कृषि निवेष निर्माण और सहायक यूनिटों की स्थापना · सिचाई/जल सचंयन कार्यक्रम ज) जिला योजना स्कीम चुनिंदा जिलों में एकीकृत सहकारी विकास परियोजनायें (आईसीडीपी) ।
झ) कमजोर वर्गो की सहकारितायें · डेरी · जनजाति · हथकरघा
ट) कम्प्यूटरीकरण हेतु सहायता
ठ) संवर्धनात्मक और विकासत्मक कार्यक्रम: · तकनीकी और संवर्धनात्मक प्रकोष्ठ (सेल) · प्रशिक्षण और शिक्षा कार्यक्रम
ड़) परामर्शन सेवायें |